आखिर वह अनजान कौन था

मीरा रोज की तरह आज भी उसके ऑफिस जाने के लिए घर से निकल ही रही थी,और आज दोबारा उसने कोई आवाज सुनी,और उसने हमेशा की तरह पीछे मुड़कर देखा लेकिन फिर से उसे निराशा हाथ लगी, वह कई बार कार से नीचे उतरकर देखती, आवाज देती लेकिन कोई दिखाई नही देता था. लेकिन आज पहली बार एक कागज का टुकड़ा उसे उसकी ड्राइविंग सीट पर पड़ा मिला, जसमे लिखा था, मैडम आप शायद 11 साल पहले हुए उस किस्से को भले ही आपने भुला दिया हो लेकिन आज भी मेरे जहन में मेरी 15 साल की बच्ची की वो दर्दनाक मौत कैद है। और लिखा था,” मै आज भी बहुत रोता हूं मैडम अपनी बच्ची के लिए,मेरी एक ही औलाद थी,आपने आखिर क्यूं किया ऐसा. यह सब पढ़कर मीरा अचानक रो पड़ी, क्योंकि उसे मालूम था अतीत दोबारा कोई खेलेगा और जो गलती उसने और ना उसके पति प्रशांत ने कि थी उसकी सजा शायद उसको जरूर मिलेगी,वह अपने आंसू पोंछकर कार से उतरकर सीधे घर के अंदर दौड़ पड़ी,और प्रशांत को गले लगाकर कहा,”मुझे नहीं मालूम आगे क्या होगा, लकिन मै तुम्हे और अपने बच्चे को खोना नही चाहती.………. आखिर क्या हुवा था 11साल पहले, to be continued.

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